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Thursday, May 2, 2019

सेफ ड्राइव: स्कूल और स्कूल बस सेफ्टी

दोस्तो, आज जानेंगे कि स्कूल या स्कूल बस के आस पास से गुजरते वक़्त क्या ख्याल रखना है.. चलिए जान लेते है...

स्कूल के आसपास:
जब भी आप वाहन लेकर किसी स्कूल, कॉलेज या बालउद्यान से गुज़र रहे है तो आपको ज्यादा अलर्ट रहने की जरूरत है।
ज्यादातर सुबह और दोपहर 12 बजे के वक़्त स्कूल के आगे ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है।
इस वक़्त आपको ट्रैफिक गार्ड या किसी ट्रैफिक पुलिस की सूचना या संकेत का बोहोत ज्यादा ध्यान रखना है।

स्कूल बस से उतरते या चढ़ते बच्चो को आपके वाहन से परेशानी न हो उसका ज्यादा ध्यान रखना है, और हॉर्न प्रोहिबिशन के संकेतों का खयाल रखकर हॉर्न अनिवार्य न होने पर नही बजाना है।
बच्चे हम बड़ो से शिखते है, इसलिए आपको आपके बच्चों को जनरल ट्रैफिक रूल्स के बारे में समझाना है।


स्कूल बस के आसपास:
जब भी आप स्कूल बस के पास है तो ज्यादा सतर्क रहें।
स्कूल बस के टेल-लाइट के संकेतों को समझे और उनका पालन करे। बच्चो के चढ़ने उतरने के वक़्त और बस के रुकने पर रेड लाइट होने पर आपके वाहन को रोक ले।
बस  के आगे या पीछे से क्रॉस कर रहे स्टूडेंट्स का खयाल रखें (अगर आप स्कूल बस चालक है)
बस तक पहुचने के लिए क्रॉस कर रहे बच्चों का ध्यान रखे।
धीमी गति में वाहन चलाये और ब्रेक करने के लिए हमेशा तैयार रहे।
हमेशा स्कूल बस और बच्चों के प्रति नम्र रहे।

दोस्तो, स्कूल या स्कूल बस के आसपास से गुझरते वक़्त इन बातो का खयाल रखें। मेरे इस ब्लॉग पर आपको इस तरह की रोड सेफ्टी के बारे में काफी और भी पोस्ट मिल जाएगी। में चाहता हु की आपको सेफ ड्राइविंग के सभी टिप्स देता रहूँ ताकि रोड-एक्सीडेंट्स कम हो सके, किसीको एक्सीडेंट्स से गुजरना न पड़े और हम सभी सेफ और खुश रहे।

आशा करता हु यह पोस्ट आपको पसंद आई होगी, अपने दोस्तो के साथ शेयर करना न भूले।

HSRP: हाई सिक्‍योरिटी नंबर प्‍लेट

HSRP Number Plate:
अगर आपके पास मोटरसाइकिल या कार है तो आपको हाई सिक्‍योरिटी नंबर प्‍लेट के बारे में जानना बहुत ही जरूरी है क्‍योंकि अगर आपके वाहन पर हाई हाई सिक्‍योरिटी नंबर प्‍लेट नहींं लगाई है तो आपको जुर्माना हो सकता है तो आइये जानते हैं क्‍या है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट...

क्रोमियम होलोग्राम वाले हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट में सात डिजिट का लेजर कोड यूनीक रजिस्ट्रेशन नंबर होता है। इस नंबर के जरिये किसी भी हादसे या आपराधिक स्थिति होने पर वाहन और इसके मालिक के बारे में तमाम जानकारियां उपलब्ध होंगी। नंबर प्लेट पर IND लिखा होता है, साथ ही क्रोमियम प्लेटेड नंबर और इंबॉस होने की वजह से नंबर प्लेट को रात के वक्त भी वाहनों पर कैमरे के जरिये नजर रखना संभव होगा।

लेजर डिटेक्टर कैमरा के लगाने के बाद किसी भी वाहन के बारे में कभी भी आसानी से पता लगाना संभव होगा और देश भर में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के लगाने के साथ ही इंजन, चेसिस नंबर सहित तमाम जानकारियां भी नेशनल डाटाबेस में होंगी, जो पूरे देश के वाहनों का एक सेंट्रलाइज्ड रिकॉर्ड होगा।
कई बार अपराधी वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ छेड़छाड़ कर के भी फायदा उठा लेते थे, लेकिन हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर ऐसा करना संभव नहीं होगा क्यों कि इन नंबर प्लेट को स्नेप लॉक के ज़रिए फिट किया हुआ रहता है जिसकी वजह से नंबर प्लेट को बदलना लगभग नामुमकिन हो जाएगा इससे वाहन चोरी में भी कमी आएगी।

HSRP Number Plate की विशेषताएं:

  • HSRP नंबर प्लेट कर्व (गोल) किनारों के साथ एल्यूमीनियम से बने होते हैं।
  • यदि कोई व्यक्ति HSRP को अपनी नंबर प्लेट से बदलने की कोशिश करता है, तो वह ऐसा नही कर पायेगा क्योंकि HSRP को हटाते समय स्नैप लॉक को तोड़ना और एक दूसरी अलग नंबर प्लेट लगाना लगभग असंभव होगा।
  • एचएसआरपी प्लेट लगने के बाद वाहन से होने वाले अपराध और वाहन की चोरी पर अंकुश लगाने के लिए केवल लोकल आरटीओ के द्वारा वेरिफिकेशन होने के बाद ही एचएसआरपी नंबर प्लेट्स उपलब्ध किये जायेंगे, यानी एचएसआरपी बिना वेरिफिकेशन के और अनऑथोराइज़ जगहों से मिलना मुमकिन नही होगा।
  • एचएसआरपी को नुकसान के मामले में, वाहन मालिक को जारी की गई नई नंबर प्लेट प्राप्त करने के लिए आरटीओ का दौरा करना होगा।

दोस्तो, अगर आपने भी अपने वाहन में एचएसआरपी नंबर प्लेट नही लगवाई है तो आज ही आपके नजदीकी आरटीओ से संपर्क करके एचएसआरपी नंबर प्लेट लगवाए, ताकि आपका व्हीकल सिक्योर हो जाये और यह कानूनी जरूरी भी है।

Friday, April 19, 2019

ड्राइविंग करते समय इन बातों का रखे खयाल: कभी नही होगा एक्सीडेंट

नमस्ते दोस्तो,
आज मैं आप सब को मोटर साइकिल ड्राइविंग के कुछ टिप्स बताऊंगा जिससे एक्सीडेंट और चोट लगने जैसी गंभीर समस्या समस्याओ का सामना नही करना पड़ेगा,
तो चलिए दोस्तो शुरू करते है,
दोस्तो अगर आप कोई भी टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, या फ़ॉर-व्हीलर चला रहे है तो ड्राइविंग के वक़्त इन बातों का बहुत खयाल रखें

1) रिअर व्यू मिरर:
दोस्तो, मैने अक्सर देखा है कि कई यंग बॉयज एंड गर्ल्स अपने व्हीकल पर रहे रिअर व्यू मिरर को निकाल देते है या फिर मिरर पर बहूत ही कम ध्यान देते है। काफी बार रिअर व्यू मिरर को नजरअंदाज करने की वजह से एक्सीडेंट हो जाते है, में आप सभी से अनुरोध करूँगा की कभी भी अपने व्हीकल पर लगे दोनो तरफ के रीअर व्यू मिरर को ना ही निकाले और ना ही नजरअंदाज करे।

दोस्तो जब भी कोई पीछे से आ रहे होते है तो सबसे पहले हमें इसी मिरर से देखने को मिलते है, जिससे कि हम अपने व्हीकल को दाये या बाये ना ले जाये।

2) साइड लाइट्स:
दोस्तो, 1 और चीज़ है साइड लाइट, इसका भी हमे बोहोत ही सावधानी से उपयोग करना है। जब भी हमे दाये या बाये मुड़ना है या फिर बड़े से हाइवे पर अपना व्हीकल बाये से दाये या दाये से बाये मूव करना है तो हमे साइड लाइट जरूर  ओन करनी चाहिए ताकि पीछे से आ रहे व्हीकल्स के ड्राइवर्स को पता चल पाये की आप अपना व्हीकल मोड़ रहे है या फिर अपनी साइड बदल रहे है (लेफ्ट या राइट)। 
दोस्तो जब कभी भी हम बिना साइड लाइट शो किये व्हीकल को टर्न देते है तो बहुत ही ज्यादा संभव है कि पीछे से आ रहा व्हीकल आपके व्हीकल को टकरा जाएगा। तो दोस्तो हमेशा खयाल रखें कि जब भी अपने व्हीकल को मोड़े तो साइड लाइट को बिना भूले ऑन कर दे ताकि एलर्ट बजे और साइड लाइट ग्लो करे जिससे एक्सीडेंट की संभावना बहुत ही कम हो जाएगी।

3) व्हीकल का मेन्टेनेन्स / सर्विस:
दोस्तो, आपके पास कोई भी व्हीकल हो चाहे टू,थ्री, या फ़ॉर व्हीलर आपको यह हमेशा याद रखना है कि आपके व्हीकल का मेन्टेनेन्स आपने अच्छे से करवा रखा है, क्यों कि व्हीकल एक ऐसा साधन है जो बोहोत से मशीनो को जोड़ के बना हुआ है, और जैसे जैसे आप उसे चलाते है उसमें घिसावट आती है जिसकी वजह से आपकी गाड़ी की परफॉरमेंस में कमी आती है और उसकी वजह से काफी बार एक्सीडेंट होने की संभावनाये बढ़ जाती है। इसलिए आपको हमेशा समयांतर अपने व्हीकल का मेन्टेनेन्स कराते रहना है, जिससे आपके व्हीकल के सारे पार्ट्स अच्छे से ऑपरेट करेंगे। 
साथ ही आपको समयांतर अपनी गाड़ी में इंजन आयल का लेवल भी चेक करते रहना है ताकि इंजन का परफॉरमेंस और उसकी लाइफ में इज़ाफ़ा हो। साथ ही टायर के ऐर प्रेशर (30 - 35)का भी ख्याल रखे।
दोस्तो, अगर आप अपने बाइक या कार का मेन्टेनेन्स समय पर नही कराते है तो आपकी गाड़ी के ब्रेक्स, क्लच, और इंजन सही से काम नही करेगा जिससे एक्सीडेंट होने के चांस बढ़ जाते है। 

4) हेलमेट / सीट बेल्ट:
दोस्तो, यह तो आप सब जानते ही है कि टू व्हीलर में हेलमेट और फोर व्हीलर में सीट बेल्ट की कितनी आवश्यकता है! 

दोस्तो में आप सब से बिनती करूँगा की कभी भी बिना हेलमेट के टू व्हीलर और बिना सीट बेल्ट के फोर व्हीलर कभी ना चलायेदोस्तो हमारी लाइफ बोहोत कीमती है उसे हेलमेट/सीट बेल्ट जैसी छोटी चीजो की वजह से बर्बाद मत करियेगा। याद रहे सावधानी हटी, दुर्घटना घटी।

5) ड्राइविंग लाइसेंस:
दोस्तो, ड्राइविंग लाइसेंस निकलवाना आपकी जिम्मेदारी भी है और आपके हित में भी है। हमेशा याद रहे ड्राइविंग लाइसेंस के बिना गाड़ी चलाना कानूनी अपराध है और यह जोखमी भी है, दोस्तो मेरा मानना है कि अगर आपने ड्राइविंग लाइसेंस नही निकलवाया है तो तुरंत निकलवा दीजिये जिससे कि आप बोहोत सी तकलीफो से बच सकते है। 

और हमेशा याद रहे कि आप जब तक एक परफेक्ट ड्राइवर नही बन जाते है या आप एक ड्राइविंग लर्नर है तो हमेशा आप अपने साथ किसी रेगुलर ड्राइवर को रखे जिससे कि आपको वह गाइड कर सके, दोस्तो जब तक आप बिलकुल सही तरीके से गाड़ी चलाना नही सिख जाते तब तक आपको हाइवे या किसी बड़े रास्ते पर व्हीकल नही चलाना चाहिए।

6) आयु 18 साल से कम है तो गाड़ी न चलाये:
दोस्तो, अगर आपकी आयु 18 साल से कम है (बिना गिअर वाले व्हीकल के लिए 16 साल) तो आपको मोटरसाइकिल या कार नही चलानी चाहिए, यह एक कानूनी अपराध भी है साथ ही यह बहुत खतरनाक भी हो सकता है। सभी माता पिताओं को भी बताना चाहूंगा कि अगर आपके बच्चे 16 - 18 साल से कम उम्र के है तो आप उन्हें व्हीकल चलाने न दे, अगर आप ऐसा करते है तो वेहिकल के एक्सीडेंट होने पर आप बहुत बड़ी कानूनी मुसीबत में पड़ सकते है। 

याद रहे अगर आप बिना लाइसेंस निकलवाये व्हीकल चला रहे है तो उसका खामियाज़ा आपको भुगतना पड़ सकता है। और अगर आप सिख रहे है तो अपने व्हीकल के आगे और पीछे लाल कलर में L लगाना मत भूलिए अगर आप लर्निंग लाइसेंस धारक है और आप बिना L लगाए गाड़ी चलाते है तो आपका लर्निंग लाइसेंस अमान्य माना जायेगा।

7) नशा करके कभी गाड़ी न चलाये:
दोस्तो एक और बात यह है कि अगर आप किसी भी तरह का नशा करते है तो नशे में होने पर कभी ड्राइविंग न करे, उससे आपके एक्सीडेंट होने के चांस 80 से 90  प्रतिशत बढ़ जाएंगे। 

नशा करके कभी भी गाड़ी न चलाये इससे एक्सीडेंट होने की संभावनाएं बोहोत अधिक हो जाती है और आपका बहुत ही गंभीर एक्सीडेंट हो सकता है और इस परिस्थिति में आप पर कानूनी कार्यवाही होती है जिसमें बचने के चान्स बहुत कम होते है, अतः कभी भी नशा करके गाड़ी न चलाये।

8) ट्रैफिक सिग्नल और साइन बोर्ड को फॉलो करें:
ड्राइविंग करते वक़्त हमेशा रास्ते पर आ रहे साइन बोर्ड को समझे और उन्हें फॉलो करें

जैसे कि रेड, येलो, ग्रीन सिग्नल, और साइन बोर्ड जैसे कि आगे स्कूल है, स्पीड लिमिट, वन वे रोड, नो पार्किंग, स्टॉप, जीब्रा क्रासिंग वगैरह। ट्रैफिक सिग्नल फॉलो करने से आपके एक्सीडेंट के चांस बहुत ही कम हो जाते है। 

9) हैडफ़ोन या मोबाइल का इस्तेमाल न करें:
दोस्तो, हमे ड्राइविंग करते वक़्त हैडफ़ोन में गाने सुनना अच्छा लगता है पर यह ध्यान रहे कि हेडफोन लगाने पर हमें आसपास से आ रहे व्हीकल्स का ध्यान नही रहता है जिसकी वजह से कई बार अकस्मात हो जाता है। में आपको यही कहना चाहूंगा कि हेडफोन/इयरफोन का इस्तेमाल गाड़ी चलाते वक्त 

न करे यह आपके हित में है। और गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करे, अगर आपको कोई कॉल आती है तो आपको आपकी गाड़ी को साइड में लगाकर फिर फोन पर बात करनी चाहिए। 

10) आगे चल रहे व्हीकल से उचित दूरी बनाए रखे:
आपको बताना चाहूंगा कि आपके आगे कोई व्हीकल चल रहा है तो उससे आपको थोड़ी दूरी बनाए रखनी है

क्यो की ऐसा न करने पर आगे वाले व्हीकल के स्टॉप होने पर या अचानक धीरे होने पर आप उस व्हीकल के पीछे टकरा सकते है। 

11) ओवरटेक करते समय यह ध्यान रहे:
हम काफी बार रास्ते पर चल रहे दूसरे व्हीकल से आगे निकलने के लिए उन्हें ओवरटेक करते है, यहां कुछ चीज़ें याद रखिये, वह यह है कि आपको दूसरे व्हीकल को हमेशा दाईं ओर यानी राइट साइड से ओवरटेक करने है और ओवरटेक करने से पहले आगे चल रहे व्हीकल को हॉर्न बजाकर एलर्ट करना है, 

यहां ध्यान रहे कि दिन में ओवरटेक करते समय हॉर्न बजाए और रात में डीपर (हाई बीम - लौ बीम) का इस्तेमाल करे। इसतरह आप सेफ ओवरटेक कर सकते है।


आशा करता हूँ कि यह ब्लॉग से आपको काफी कुछ जानने को मिला होगा, में इसी तरह के जानकारी भरे पोस्ट लिखता रहूंगा अगर आपको मेरी पोस्ट अच्छी लगी हो तो लाइक करियेगा, अपने दोस्तों से शेयर करियेगा, शुक्रिया दोस्तो!